मार्च 2026 कालसर्प दोष पूजा शुभ तिथियाँ: जाने महत्व, विधि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे समय आते हैं जब ग्रहों की स्थिति जीवन को अस्थिर कर देती है। लगातार मेहनत के बावजूद सफलता न मिलना, मानसिक बेचैनी, रिश्तों में तनाव या बार-बार एक जैसी समस्याओं का दोहराव होना कई बार कालसर्प दोष का संकेत माना जाता है। मार्च 2026 का महीना विशेष माना जा रहा है, इसलिए इस दौरान की गई कालसर्प दोष पूजा को महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसे में उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा एक ऐसा वैदिक उपाय है, जो ग्रहों के असंतुलन को शांत करने में सहायक माना गया है। मार्च 2026 में कालसर्प दोष पूजा उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण वैदिक उपाय है, जो जीवन में रुकावट, तनाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं। विशेष रूप से अमावस्या और राहु प्रधान दिनों में उज्जैन की पावन भूमि पर की गई पूजा व्यक्ति को नई दिशा, शांति और संतुलन प्रदान कर सकती है।
कालसर्प दोष क्या होता है?
जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सभी ग्रह केवल राहु और केतु की धुरी के भीतर फस जाते हैं, तब कालसर्प दोष का निर्माण होता है। इस दोष में व्यक्ति को लगता है कि:
- प्रयास करने पर भी परिणाम नहीं मिलते
- जीवन में स्थिरता नहीं बन पाती
- मानसिक दबाव बना रहता है
- निर्णय लेने में भ्रम होता है
- सफलता देर से मिलती है
हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सही समय पर कालसर्प पूजा पूजा कराने से इसके असर को कम किया जा सकता है।
मार्च 2026 में कालसर्प दोष पूजा के लिए शुभ तिथियाँ कौन-सी है?
ज्योतिष के अनुसार हर महीने कुछ तिथियाँ ग्रह दोष निवारण के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं। मार्च 2026 में निम्न तिथियाँ कालसर्प दोष पूजा के लिए विशेष मानी जा रही हैं:
मार्च 2026 की अमावस्या (मुख्य तिथि)
अमावस्या को राहु-केतु और पितृ दोष शांति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दिन की गई कालसर्प दोष पूजा का प्रभाव गहरा और दीर्घकालिक माना जाता है।
मार्च 2026 का एक विशेष शनिवार (राहु प्रधान दिन)
शनिवार का संबंध राहु से माना जाता है। जब यह दिन अनुकूल ग्रह योग में आता है, तब कालसर्प दोष पूजा विशेष फल देती है। सटीक मुहूर्त और दिन का चयन कुंडली के अनुसार करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
अन्य बहुत अच्छे मुहूर्त:
- 1 मार्च 2026 – अमावस्या (रविवार) → महीने की शुरुआत में पूजा – नए साल का बचा हुआ दोष खत्म करने के लिए
- 17 मार्च 2026 – प्रदोष तिथि (मंगलवार) → शिव कृपा + मंगलवार का संयोग – दोष पर बहुत तेज असर
- 24 मार्च 2026 – प्रदोष तिथि (मंगलवार) → महीने का आखिरी प्रदोष – बहुत फायदेमंद
- हर सोमवार – 2, 9, 16, 23, 30 मार्च → महाकाल की विशेष कृपा मिलती है
- पुष्य नक्षत्र वाले दिन – मार्च में 3-4 तारीखें आ रही हैं (पंडित से सटीक तारीख चेक करवाएं)
मार्च महीने में कालसर्प दोष पूजा का महत्व क्यों बढ़ जाता है?
मार्च का महीना ज्योतिष में परिवर्तन का समय माना जाता है। इस दौरान:
- ग्रह अपनी चाल बदलते हैं
- मानसिक अस्थिरता बढ़ सकती है
- पुराने कार्यों में अटकाव दिख सकता है
- निर्णयों में भ्रम पैदा होता है।
इसीलिए मार्च में की गई कालसर्प दोष पूजा व्यक्ति को नई ऊर्जा और स्पष्टता देने में सहायक मानी जाती है।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा क्यों करवाई जाती है?
उज्जैन केवल एक धार्मिक नगर नहीं, बल्कि काल और ग्रह साधना की सिद्ध भूमि मानी जाती है। यहां भगवान महाकालेश्वर स्वयं काल के स्वामी हैं, इसलिए यहां की गई कालसर्प दोष पूजा विशेष प्रभाव रखती है।
उज्जैन को चुनने के प्रमुख कारण:
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आध्यात्मिक प्रभाव
- शिप्रा नदी की पवित्रता
- सदियों पुरानी वैदिक परंपरा
- अनुभवी और पारंपरिक पंडितों द्वारा पूजा
इसी कारण देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन आकर पूजा कराते हैं।
मार्च 2026 में कालसर्प दोष पूजा की विधि क्या है?
कालसर्प दोष पूजा पूरी तरह शास्त्रीय नियमों के अनुसार की जाती है। इसकी प्रक्रिया सामान्यतः इस प्रकार होती है:
- संकल्प – जातक के नाम और उद्देश्य के साथ
- गणेश पूजन – विघ्न निवारण हेतु
- नवग्रह पूजन – सभी ग्रहों की शांति के लिए
- राहु-केतु मंत्र जाप
- विशेष हवन – अग्नि में आहुतियाँ
- पूर्णाहुति और आशीर्वाद
पूजा का समय लगभग 3 से 4 घंटे का होता है।
कालसर्प दोष पूजा से मिलने वाले लाभ कौन-कौन से है?
मार्च 2026 में सही विधि और श्रद्धा से की गई पूजा से व्यक्ति को ये लाभ महसूस हो सकते हैं:
- मानसिक तनाव और भय में कमी
- जीवन में स्थिरता और स्पष्टता
- विवाह और रिश्तों में सुधार
- करियर और व्यवसाय में प्रगति
- बार-बार आने वाली बाधाओं से राहत
- आत्मविश्वास में वृद्धि
इन लाभों का प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से दिखाई देता है।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा में कितना खर्च आता है?
उज्जैन में पूजा का खर्च पूजा की विधि, सामग्री और मंत्र जाप की संख्या पर निर्भर करता है। सामान्यतः खर्च: ₹2,000 से ₹5,000 तक हो सकता है। इसमें पूजा सामग्री, हवन, मंत्र जाप और पंडित दक्षिणा शामिल होती है।
कालसर्प पूजा से पहले और बाद के नियम क्या है?
पूजा से पहले
- सात्विक भोजन
- नशा और नकारात्मक सोच से दूरी
- मन को शांत रखें
पूजा के बाद
- नियमित मंत्र स्मरण
- संयमित जीवनशैली
- धैर्य और सकारात्मक सोच
इन नियमों से पूजा का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है।
क्या मार्च में पूजा कराना लाभकारी है?
हां, ग्रह परिवर्तन के समय पूजा कराना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की बुकिंग कैसे करें?
अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है और आप सोच रहे हैं कि मार्च 2026 में कालसर्प पूजा का सबसे अच्छा समय कब है, तो नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और पूजा के बारें में पूरी जानकारी प्राप्त करें। अपनी पूजा उज्जैन में बुक करने के लिए उज्जैन के अनुभवी पंडित कांता शर्मा जी से संपर्क करें और पूजा बुक करें।