जाने दोष निवारण के अद्भुत उपाय

अंगारक दोष क्या है? जाने दोष के लक्षण और निवारण उपाय

अंगारक दोष जीवन में अनावश्यक तनाव, क्रोध, पारिवारिक कलेश, विवाह में बाधा और आर्थिक समस्याएँ लेकर आता है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह और राहु एक साथ आते हैं, तो यह अंगारक दोष बनाते है। शास्त्रों में कहा गया है कि हर ग्रह दोष का समाधान उपायों से संभव है। यदि अंगारक दोष से पीड़ित व्यक्ति सही और असरदार उपाय करे, तो उसका जीवन संतुलित और सफल हो सकता है।

उज्जैन विशेष प्रकार के ग्रह दोषो के निवारण के लिए प्रसिद्ध है यहाँ सभी प्रकार के दोषो का निवारण किया जाता है। उज्जैन के अनुभवी पंडित कुंडली की जांच करके दोष के बारे में पता लगाते है और दोष निवारण पूजा पूरी विधि के साथ सम्पन्न कराते है। उसी प्रकार अंगारक दोष के निवारण के लिए उज्जैन में अंगारक दोष पूजा आयोजित की जाती है। ये दोष निवारण का सबसे असरदार और प्रभावी उपाय है।

अंगारक दोष क्यों बनता है?

  • मंगल ग्रह अग्नि, शक्ति और साहस का कारक है।
  • राहु छल, भ्रामक ऊर्जा और अचानक घटनाओं का कारक है।
    जब ये दोनों ग्रह एक ही भाव में आते हैं तो यह दोष व्यक्ति की कुंडली में नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसका प्रभाव विशेष रूप से विवाह, करियर और मानसिक शांति पर पड़ता है।

नीचे अंगारक दोष के सामान्य और पहचाने जाने वाले लक्षण सरल भाषा में दिए गए हैं।

अंगारक दोष के लक्षण और प्रभाव कौन-कौन से है?

  1. बहुत ज्यादा गुस्सा आना: छोटी-छोटी बातों पर क्रोध, बात-बात पर झगड़ा, बाद में पछतावा होना।
  2. अचानक फैसले और गलत निर्णय: बिना सोचे काम करना, जल्दबाजी में नुकसान उठाना, सही और गलत का फर्क देर से समझ आना।
  3. विवाह और रिश्तों में तनाव: शादी में देरी, विवाह के बाद झगड़े, रिश्तों में दूरी या टूटन।
  4. काम बनते-बनते बिगड़ना: मेहनत करने के बाद भी काम अधूरा रह जाना, आखिरी समय पर रुकावट आना।
  5. दुर्घटना या चोट की संभावना: कट लगना, जलना, गिरना, अचानक चोट या ऑपरेशन जैसी स्थिति।
  6. करियर में अस्थिरता: नौकरी बदलते रहना, बिजनेस में नुकसान या विवाद, सहकर्मियों से टकराव।
  7. मानसिक बेचैनी और तनाव: मन शांत न रहना, बेचैनी और चिड़चिड़ापन, नींद से जुड़ी परेशानी।

उज्जैन में अंगारक दोष के लाभकारी और असरदार उपाय

1. अंगारक दोष शांति पूजा उज्जैन में

Angarak Dosh Puja in Ujjain

उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी है। यहाँ किए गए अनुष्ठान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। अंगारक दोष जीवन को अस्थिर बना सकता है, लेकिन सही उपायों से इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है। मंत्रजाप, पूजा, दान, व्रत, रत्न धारण और आध्यात्मिक साधना – ये सभी उपाय मिलकर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

किन्तु उज्जैन में अंगारक दोष शांति पूजा व्यक्ति को दीर्घकालिक और स्थायी राहत प्रदान करती है। ये पूजा व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी समस्याओं का अंत है और नयी शुरुआत का अवसर है। यदि आप भी अपने जीवन में आ रही कठिनाइयों से परेशान है तो आज ही उज्जैन के अनुभवी पंडित जी से अपनी कुंडली की जांच कराएं और दोष की पुष्टि कर दोष निवारण पूजा उज्जैन में सम्पन्न कराएं।

  • विद्वान पंडितों द्वारा अंगारक दोष शांति पूजा कराने से ग्रह दोष शांत होता है।
  • पूजा में संकल्प, मंत्रजाप, हवन और दान का विशेष महत्व है।

2. विशेष मंत्र जाप और अनुष्ठान

अंगारक दोष को शांत करने के लिए मंगल मंत्र और राहु बीज मंत्र का जाप करना अत्यंत प्रभावी माना जाता है। प्रतिदिन इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।

  • “ॐ अङ्गारकाय नमः” (मंगल मंत्र)
  • “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” (राहु मंत्र)

3. रत्न धारण करना

मंगल और राहु दोनों को संतुलित करने के लिए विशेष रत्न धारण किए जाते हैं। लेकिन रत्न केवल अनुभवी ज्योतिषाचार्य की सलाह से ही पहनने चाहिए, क्योंकि गलत रत्न नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए उज्जैन के अनुभवी पंडित कांता शर्मा जी से आज ही नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।

  • मंगल के लिए – मूंगा (Coral)
  • राहु के लिए – गोमेद (Hessonite Garnet)

4. व्रत और उपवास

मंगलवार को हनुमान जी और मंगलवार-मंगल ग्रह की विशेष उपासना करने से अंगारक दोष का असर कम होता है।

  • मंगलवार का व्रत करें।
  • बेसन के लड्डू और लाल फूल अर्पित करें।

5. हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ

अंगारक दोष से उत्पन्न क्रोध और मानसिक तनाव को शांत करने के लिए हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ प्रभावशाली उपाय है। अंगारक दोष के उपाय मंगल ग्रह को संतुलित करता है और राहु के भ्रम को समाप्त करता है।

6. दान-पुण्य और सेवा

  • मंगलवार को लाल वस्त्र, मसूर की दाल और गुड़ का दान करें।
  • राहु दोष शांति के लिए शनिवार को तिल, कंबल और लोहे से बने वस्त्रों का दान करें।
  • गौ सेवा और गरीबों को भोजन कराना सबसे असरदार उपाय माना गया है।

7. यंत्र की स्थापना

घर में मंगल यंत्र और राहु यंत्र की स्थापना कर नियमित पूजा करने से अंगारक दोष का प्रभाव कम होता है। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

उज्जैन में अंगारक दोष पूजा में कितना खर्च आता है?

उज्जैन में अंगारक दोष पूजा में आने वाले खर्च की जानकारी उज्जैन के योग्य पूजा-पंडित जी से जाने। पूजा खर्च कई बातों पर निर्भर करता है जैसे- पंडित, स्थान और पूजा का प्रकार। यदि आप पूजा खर्च की सटीक जानकारी जानना चाहते है तो आज ही पंडित जी से संपर्क करे। इस पूजा का अनुमानित खर्च लगभग ₹2,500 या इससे अधिक हो सकता है।

अंगारक दोष पूजा उज्जैन में कैसे बुक करें?

अंगारक दोष के नकारात्मक प्रभावों से परेशान है तो आज ही उज्जैन में दोष निवारण पूजा सम्पन्न कराएं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि लाएँ। उज्जैन के श्रेष्ठ पंडित कांता शर्मा जी से संपर्क करें और अपनी पूजा बुकिंग की जानकारी प्राप्त करें।

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