कालसर्प पूजा मुहूर्त जनवरी 2026- तिथि, महत्व, लाभ और उपाय
जब कुंडली में राहु–केतु से जुड़े ग्रहों का प्रभाव अधिक प्रबल हो जाता है, तो उसे कालसर्प दोष कहा जाता है। यह दोष जीवन में अनिश्चितता, बाधाएं, मानसिक बेचैनी, सफलता की देरी और नकारात्मकता पैदा करता है। वैदिक शास्त्र में बताया गया है कि कालसर्प दोष पूजा करने से इन प्रभावों को संतुलित किया जा…